चढ़ाव वाले इलाके में पहुंचा पानी, काजी प्लाट में किल्लत
सिर्फ एक बंदे ने अप्रैल, मई में गवलीपुरा में हुई जलकिल्लत को पूरी ईमानदारी से दूर करने का प्रयास किया। गवलीपुरा के निचले इलाके में पानी बहुत आता था, लेकिन चढ़ाव वाले ऊपरी हिस्सा प्यासा था । मजदूर तबका टैंकर से पानी कब तक मंगाये ? पूर्व नगरसेवक एड. फिरोज शेकुवाले ने लोगों की त्रासदी को समझा और अपनी शिक्षा एवं अनुभव का उपयोग करते हुए जीवन प्राधिकरण प्रशासन को जल विभाजन का प्रस्ताव दिया। मंजुरी के लिए भाग दौड़ की तुरंत नई पाइप लाइन डाली गई। कुछ ही दिनों में एड. शेकुवाले के प्रयासों से चढ़ाव वाले इलाकों में डेढ़ घंटे तक पानी मिलना शुरू हुआ। उस प्रभाग की जनता खुशी मारे फूली जा रही हैं। फिरोज शेकुवाले को दुआएं दे रही हैं, लेकिन काजी प्लॉट वालों की किस्मत कहा इतनी अच्छी रहीं कि उनकी तीन माह की कृत्रिम जलकिल्लत को सुलझाने कोई सामने आता। आम लोगों ने अपने दम पर निवेदन दिया लेकिन उसका कोई खासा असर जीवन प्राधिकरण प्रशासन पर नहीं हुआ ।
चढ़ाव वाले इलाके में पहुंचा पानी, काजी प्लाट में किल्लत
ReplyDeleteसिर्फ एक बंदे ने अप्रैल, मई में गवलीपुरा में हुई जलकिल्लत को पूरी ईमानदारी से दूर करने का प्रयास किया। गवलीपुरा के निचले इलाके में पानी बहुत आता था, लेकिन चढ़ाव वाले ऊपरी हिस्सा प्यासा था । मजदूर तबका टैंकर से पानी कब तक मंगाये ? पूर्व नगरसेवक एड. फिरोज शेकुवाले ने लोगों की त्रासदी को समझा और अपनी शिक्षा एवं अनुभव का उपयोग करते हुए जीवन प्राधिकरण प्रशासन को जल विभाजन का प्रस्ताव दिया। मंजुरी के लिए भाग दौड़ की तुरंत नई पाइप लाइन डाली गई। कुछ ही दिनों में एड. शेकुवाले के प्रयासों से चढ़ाव वाले इलाकों में डेढ़ घंटे तक पानी मिलना शुरू हुआ। उस प्रभाग की जनता खुशी मारे फूली जा रही हैं। फिरोज शेकुवाले को दुआएं दे रही हैं, लेकिन काजी प्लॉट वालों की किस्मत कहा इतनी अच्छी रहीं कि उनकी तीन माह की कृत्रिम जलकिल्लत को सुलझाने कोई सामने आता। आम लोगों ने अपने दम पर निवेदन दिया लेकिन उसका कोई खासा असर जीवन प्राधिकरण प्रशासन पर नहीं हुआ ।
शब्दांकन
प्रा. ए. एस. शेख सर